Tuesday, 14 February 2017

भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव: 23 मार्च, 1931 को फांसी दे कर उन तीनों की हत्या कर दी गई।

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को सांडर्स हत्या कांड में7 मई 1929 को मुकद्दमा शुरू हुआ.
6 जून 1929 को भगत सिंह जी ने अपने विचार जज के सामने रखते हुए क्रान्ति और आजादी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला.
26 मई 1930 को उन्हें अंग्रेजो ने दोषी करार दिया।
7 अक्टूबर 1930 को उन तीनों को मृत्यु दंड की सजा सुनाई गई.
नवम्बर 1930 को प्रिवी परिषद में अपील की गई.
10 जनवरी 1931 को अपील खारिज की गई.
24 मार्च 1931 को फांसी दी जाना थी.
लेकिन जन आक्रोश को देखते हुए एक दिन पूर्व 23 मार्च को फांसी दे कर उन तीनों की हत्या कर दी गई।

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