भ्रष्टाचार और अपराध की दुनिया में आरएसएस, भाजपा ने कौंग्रेस को काफी छोड़ दिया!
और यह क़ानूनी और गैर क़ानूनी तरीके से बड़े पूंजीपतियों और साहूकारों के लिए काम करते हैं,
दलाली पर!
क्या हम समाजवादी, नास्तिक भगत सिंह के सपनों की हत्या होते देखते रहेंगे?
इन पूंजी के दलालों को किसी और बुर्जुआ दलों के साथ मिलकर नहीं हरा सकते! रास्ता एक ही है!
सर्वहारा क्रांति! सर्वहारा एकता और संघर्ष!
No comments:
Post a Comment